रफीक खान
गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा में एक पटाखा फैक्ट्री में भयानक आग लगने से 20 मजदूरों की मौत हो गई। हादसा फैक्ट्री में बॉयलर फटने के कारण हुआ, जिससे भीषण ब्लास्ट हुआ और पूरी फैक्ट्री में आग फैल गई। यह भी पता चला है की दिशा के धुंआ रोड पर स्थित यह फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। घटना के बाद जहां रेस्क्यू और पुलिस एक्शन शुरू हुआ है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी जांच की जा रही है। "Dhamaka": 20workers from MP died in a firecracker factory in Gujarat, 5 critical, blown to pieces due to boiler explosion
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि हादसे का शिकार हुए सभी मृतक और घायल मध्यप्रदेश के हरदा जिले की हंडिया तहसील के रहने वाले मजदूर हैं। जब हंडिया में मृतकों की खबर पहुंची तो मातम छा गया। दो दिन पहले ही यह मजदूर रोजीरोटी के लिए गुजरात गए थे। इधर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि वे गुजरात सरकार के संपर्क में हैं। अब भी मजदूर मलबे में दबे हैं। फैक्ट्री के मलबे से अभी तक 18 शव निकाले जा चुके हैं। जबकि, हादसे में घायल 5 लोगों की हालत स्थिर है। विस्फोट से RCC स्लैब ढह गया था। जिस कारण श्रमिक वहां फंस गए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। FSL टीम भी बुलाई गई है। दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। वह यहां विस्फोटक लाकर पटाखा बनाते थे। उनके पास पटाखा बनाने का लाइसेंस भी नहीं है। उन्हें सिर्फ पटाखा बेचने का लाइसेंस जारी किया गया है। प्रशासन ने मृतकों की जो सूची तैयार की है उनमें गुड्डी बाई पत्नी भगवान सिंह (35), विजय पिता भगवान सिंह (16), अजय पिता भगवान सिंह (15), कृष्णा पिता भगवान सिंह (12), राकेश पिता बाबूलाल (30), डॉली बाई पत्नी राकेश (25), किरण पत्नी राकेश (45), नैना पुत्री राकेश (3), विष्णु पिता सत्यनारायण (22), राकेश पिता सत्यनारायण (23), बिट्टू पिता सत्यनारायण (12), सुरेश पिता अमर सिंह (26), बबीता पत्नी संतोष (36), धनराज पिता संतोष (18), संजय पिता संतोष (12) सभी निवासी हंडिया तहसील मुख्यालय के हैं। जबकि विजय पिता रामदीन काजवे (23) हंडिया तहसील के मालपौन गांव का निवासी है।