रफीक खान
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में उस वक्त अप्रिय स्थिति निर्मित हो गई, जब दो हिंदूवादी नेता एक अफसर के घर जा पहुंचे और उन्होंने अफसर को बुलाकर मुंह पर कालिख पोत दी। दरअसल मामला भगवा झंडा हटाने के विवाद से जुड़ा है। घंटाघर के पास भारतीय जनता पार्टी तथा हिंदू संगठनों के नेताओं द्वारा भगवा झंडा लगाए गए थे। मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने यह झंडा हटवाए हैं, जिसे लेकर लगातार उनका विरोध किया जा रहा है। शनिवार की शाम तक घंटाघर के पास प्रदर्शन चल रहा है। In Damoh, the leaders of the Hindu organization smeared the face of the officer with soot, got angry due to the removal of the saffron flag, the protest is going on continuously
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि नगर पालिका के सीएमओ प्रदीप शर्मा पर शनिवार सुबह हिन्दू संगठन और भाजपा कार्यकर्ताओं ने कालिख डाल दी। उनके घर पहुंचकर यह कृत्य किया। पूर्व पार्षद प्रतिनिधि विवेक अग्रवाल और सक्रिय कार्यकर्ता छोटू यादव का नाम इस मामले में सामने आया है।सीएमओ पर घंटाघर पर लगे भगवा झंडा को उतरवाने का आरोप लगाया जा रहा है। दमोह में रामनवमी और नवरात्रि के मद्देनजर शहर के घंटाघर पर लगाए गए भगवा ध्वजों को हटाने के आदेश देने पर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। शनिवार सुबह नगरपालिका के मुख्य नगर अधिकारी प्रदीप शर्मा द्वारा सफाई कर्मियों को भेजकर ध्वज हटाने की कार्रवाई शुरू करवाई गई थी। जब इसकी जानकारी हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और सफाई कर्मियों को ध्वज हटाने से रोक दिया। इसके बाद संगठनों ने घंटाघर पर सीएमओ के खिलाफ चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और नगर पालिका प्रशासन के इस कदम के खिलाफ नारेबाजी की। नगर पालिका सीएमओ की शिकायत जिला कलेक्टर से भी की गई है तथा उन्हें निलंबित कर यहां से हटाने की मांग की जा रही है। जानकारों का कहना है कि अब यह मामला प्रशासनिक दृष्टिकोण से हटकर पूरी तरह राजनीतिक रूप ले चुका है और राजनीति का दबाव जितना अधिक होगा वैसी ही कार्रवाई आगे सामने आएगी।